आश्रम

श्री कल्याण सेवा आश्रम (अमरकंटक)मंदिर / देवालय

सन १९७८ में अक्षय तृतीया के दिन बाबा कल्याण दास जी ने “श्रीकल्याण सेवा आश्रम” की नींव रखी| कल्याण सेवा आश्रम ट्रस्ट ने सन १९८१ से औपचारिक रूप से कार्य करना प्रारंभ किया|१५ मई सन १९८४- बैसाख पूर्णिमा के दिन “आचार्य पीठ” की स्थापना की गयी| महाराजा रीवा श्री मार्तंड सिंह जूदेव के मुख्य आतिथ्य में आश्रम में माँ नर्मदा की पावन प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गयी|इस अवसर को समस्त भारत के संतो का सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ|

 बाबा कल्याण दास जी महाराज

वनवासी क्षेत्र के सभी निवासियो को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना हमारा संकल्प है: पूज्य बाबा श्रीकल्याण दास जी महाराज जीकी वाणी से –अमरकंटक में श्री कल्याण सेवा आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित कल्याणिका केन्द्रीय शिक्षा निकेतनके अधीन स्थापित कल्याणिका कालेज आफ एजुकेशन का उद्घाटन परम पूज्य वीतराग तपस्वी बाबा कल्याण दास जी महाराज के द्वारा पवित्र तीर्थनगरी अमरकंटक में शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बाबाजी ने कहा कि वर्श १९७७ में जब मैं अमरकंटक आया तब यहां पर बहुत ही गरीबी थी और मैने छोटे-छोटे बालको को भोजन पर उनके पालकों के द्वारा मजदूरी कराते देखा और उसी समय मैनें संकल्प किया कि दुर्गम वनांचल में रहने वाले आदिवासी,गरीब बच्चों को अच्छी व उच्च शिक्षा प्राप्त हो ऐसा प्रयास करने का संकल्प किया। मेरे द्वारा किये गये संकल्प को चरितार्थ करने वाले श्री हिमान्द्री मुनि के अथक परिश्रम का फल है कि आज अमरकंटक मे कल्याणिका केन्द्रीय शिक्षा निकेतन(+२)के साथ आज कल्याणिका कालेज आफ एजुकेशन(बी.एड.) का शुभारम्भ सम्भव हो सका है। अभी तक हम बच्चो को शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रहे थे किन्तु आज से हम शिक्षा प्रदान करने वालों को शिक्षण कार्य हेतु प्रशिक्षित करने का पावन कार्य करने जा रहे हैं।

कलकेशिनि के निदेषक प्रो. सुरेष चन्द्र शर्मा ने बताया कि पूज्य बाबाजी के इच्छा के अनुरूप प्रबन्ध न्यासी श्री हिमान्द्री मुनि जी के  निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र २०१४-१५ में +२ स्तर तक लगभग ८५५ छात्र-छात्रा अध्ययनरत हैं और कालेज आफ एजुकेशन मेंबी०एड० में म०प्र० उच्च शिक्षा विभाग स्वीकृत १०० सीट में शतप्रतिशत छात्रों का प्रवेश हो चुका हैं।

आश्रम परिसर में उपलब्ध सुविधाये- आश्रम के विशाल परिसर में साधको,परिव्राजको,भ्रमणशील साधुओ,संतो,महंतो,ब्रम्चारियो,अध्येताओ,अभ्यागत अतिथियों,गृहस्थो,साध्वियो व महिलायों,पूज्य बाबा जी के शिष्यों, व्यस्थापको एवं कर्मचारियों को अधोलिखित सुविधाये उपलब्ध है:

(१) आवाससुविधा

(२) विशुध्द शाकाहारी भोजन,चाय,जलपान,व्यवस्था

(३) अन्न क्षेत्र

(४) छात्रावास एवं शिक्षण सुविधा

(५) साधना ध्यान एवं योग की सुविधा

(६) सत्संग सुविधा

(७) श्री चन्द्राचार्य पुस्तकालय एवं वाचनालय

(८) शुभकल्याणिका प्रकाशन केंद्र

(९) कक्ष- पंजीकरण एवं पूछताछ

(१०) प्रशासनिक कार्यालय

अमरकंटक में ज्ञान का मन्दिर

 ” अमरकंटक में सभी मंदिरों से बड़ा नहीं पर कम नहीं ज्ञान का मंदिर” कल्याण सेवाश्रम द्वारा संचालित इस मंदिर का नाम है,कल्याणिका शिक्षा निकेतन(कलकेशिनि)| इसका भव्य भवन यहाँ आने जाने वाले की सहज अपनी ओर आकर्षित करता है, सन1998 शुरुवाती दौर इस शाला में कुछ छात्र पढ़ते थे आज नर्सरी से 12वीं के लगभग 1000 छात्र-छात्रा ज्ञान अर्जित कर रहे हैं |

पेंडरारोड छतीसगढ़ मे नई शाखा का गठन: कल्याण सेवाश्रम के द्वारा नई शाखा का गठन मां कल्याणिका पब्लिक स्कूलकेवची रोड मड़ना गोरेला (पेंड्रा रोड) जिला-बिलासपुर में हुआ |

आश्रम की शाखाए

आश्रम का मुख्यालय एवं मुख्य शाखा (पूज्य बाबा जी द्वारा संचालित )

क्रमांक आश्रम का नाम स्थानएवं पता
1. कल्याणिकाहिमालयदेवेस्थानम पो.-चायखान,तह.-लमगडा, जि.-अलमोड़ा (उतरांचल)
2. रानोपाली उदासीन ऋषि आश्रम, अयोध्या रानोपाली, अयोध्या जि.-फैजाबाद (उ.प्र.)
3. श्री राम मंदिर अंबिकापुर(छ.ग.) अंबिकापुर, जि.-सरगुजा(छ.ग.)
4. कल्यायणी शक्तिपीठ एम.एल.ए. विश्रामगृह नं.3 भोपाल(म.प्र.)